क्या है HMPV वायरस ? जानें इसके कारण, लक्षण और इलाज
कुछ बीमारियां हमारे जीवन का नजरिया बदल देती हैं। इस पीढ़ी और आने वाली पीढ़ियों के लिए COVID महामारी एक महत्वपूर्ण मोड़ बन गई। सालों बाद जब यह महामारी यादों से धुंधली हो गई, एक और वायरस ने दस्तक दी है – ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV in Hindi)। लेकिन सवाल यह है: क्या यह सिर्फ एक मौसमी बीमारी है या चिंता का नया कारण?
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एचएमपीवी क्या है? (What is HMPV Virus in Hindi?)
ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस एक सिंगल-स्ट्रैंडेड RNA वायरस है, जो हल्की से गंभीर लक्षणों का कारण बन सकता है। यह वायरस पैरामिक्सोविरिडी परिवार से संबंधित है, जिसमें RSV और पैराइंफ्लूएंज़ा जैसे वायरस भी शामिल हैं।
किन लोगों में एचएमपीवी का खतरा अधिक है?
यह वायरस कुछ विशेष समूहों में ज्यादा फैलता है, जैसे:
- कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग
- बुजुर्ग
- बच्चे
- पहले से किसी बीमारी से ग्रस्त लोग
कैसे फैलता है एचएमपीवी? (How does HMPV Virus Spread in Hindi?)
यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से, उनके खांसने या छींकने से बने ड्रॉपलेट्स से, या संक्रमित सतह को छूने के बाद चेहरा छूने (नाक, आंख, या मुंह) से फैलता है।
एचएमपीवी के लक्षण: (Symptoms of HMPV in Hindi)
- खांसी
- तेज बुखार
- नाक बंद होना
- साइनस ब्लॉकेज
- सांस लेने में तकलीफ
सावधानी और जानकारी से ही इस वायरस से बचा जा सकता है।
सवाल यह है: क्या एचएमपीवी सिर्फ एक मौसमी बीमारी है या नई चिंता का कारण?
एक विशेषज्ञ डॉक्टर ने एचएमपीवी पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह महामारी में बदलने की संभावना बहुत कम है। डॉ. कुलदीप कुमार ग्रोवर (सीके बिरला अस्पताल), जो एक अनुभवी पल्मोनोलॉजिस्ट हैं, के अनुसार, एचएमपीवी महामारी नहीं बनेगा। इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि अधिकांश आबादी में पहले से ही इसी तरह के वायरस के संपर्क में आने से कुछ हद तक इम्यूनिटी विकसित हो चुकी है।
इसके अलावा, एचएमपीवी कोरोना वायरस जैसे अधिक संक्रामक वायरस की तुलना में कम प्रभावी माना जाता है। इसकी तेजी से फैलने और बड़े स्तर पर संक्रमण फैलने की क्षमता बहुत कम है। हालांकि, यह वायरस छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है।
एचएमपीवी कैसे फैलता है?
एचएमपीवी संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक तरल पदार्थों या दूषित सतहों के संपर्क में आने से फैलता है। यह भीड़ भाड़ वाले स्थानों जैसे स्कूल, मॉल और शॉपिंग सेंटर में तेजी से फैल सकता है।
एचएमपीवी फैलने के तरीके:
- रेस्पिरेटरी ड्रॉपलेट्स: जब संक्रमित व्यक्ति खांसता, छींकता या बात करता है, तो छोटे ड्रॉपलेट्स के जरिए वायरस हवा में फैल सकता है और दूसरे लोग उसे सांस के जरिए ले सकते हैं।
- दूषित सतहें: वायरस कुछ समय तक सतहों और वस्तुओं पर जीवित रह सकता है। इन सतहों को छूने और फिर चेहरे (नाक, आंख, मुंह) को छूने से संक्रमण हो सकता है।
- नजदीकी संपर्क: संक्रमित व्यक्ति के साथ सीधा संपर्क, जैसे हाथ मिलाना, छूना आदि से वायरस फैल सकता है।
एचएमपीवी वायरस संक्रमण के लक्षण
यह श्वसन संबंधी वायरस हाल ही में अपनी बढ़ती उपस्थिति और प्रभाव के कारण ध्यान आकर्षित कर रहा है, खासकर कमजोर समूहों जैसे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में। हालांकि, फिलहाल लक्षण सामान्य हैं, लेकिन ये गंभीर हो सकते हैं।
सामान्य लक्षण:
ज्यादातर मामलों में एचएमपीवी संक्रमण के आम लक्षण होते हैं, जैसे कि:
- खांसी
- नाक बंद या बहना
- साइनस ब्लॉकेज
- गला खराब होना
- तेज बुखार
- थकान
गंभीर लक्षण:
कुछ मामलों में संक्रमण गंभीर हो सकता है और निम्न समस्याएं पैदा कर सकता है:
- सांस लेने में दिक्कत या कमी
- सीने में घरघराहट
- छाती में जकड़न
- गंभीर खांसी
- ब्रोंकाइटिस (Bronchitis) के लक्षण
- निमोनिया के लक्षण
अगर लक्षण बढ़ते हैं या सांस लेने में कठिनाई होती है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
एचएमपीवी वायरस संक्रमण का निदान कैसे होता है?
एचएमपीवी का निदान एक पल्मोनोलॉजिस्ट द्वारा लक्षणों और स्वास्थ्य इतिहास के आधार पर शारीरिक जांच से किया जा सकता है। जांच में नाक या गले से स्वाब लेकर सैंपल लिया जाता है।
यह सैंपल लैब में वायरस और अन्य संक्रमणों की जांच के लिए भेजा जाता है। यदि लक्षण गंभीर हों, तो डॉक्टर निम्नलिखित टेस्ट की सलाह दे सकते हैं:
- ब्रोंकोस्कोपी: फेफड़ों के अंदर की जांच के लिए।
- चेस्ट एक्स-रे: एयरवेज में बदलाव देखने के लिए।
- पीसीआर टेस्ट: श्वसन सैंपल में वायरस का RNA पहचानने के लिए।
- एंटीजन डिटेक्शन: श्वसन स्राव में एचएमपीवी प्रोटीन को पहचानने के लिए।
जल्दी पहचान और सही उपचार कमजोर लोगों में गंभीर जटिलताओं के जोखिम को कम कर सकता है।
एचएमपीवी का इलाज
फिलहाल एचएमपीवी के लिए कोई एंटीवायरल दवा या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। हालांकि, अधिकतर मामलों में संक्रमण माइल्ड होता है और अस्पताल में भर्ती की आवश्यकता नहीं पड़ती। अगर लक्षण 3-4 दिनों से अधिक बने रहें, तो डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक है। उपचार का उद्देश्य लक्षणों को कम करना और शरीर की संक्रमण से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है।
उपचार के मुख्य तरीके:
- हाइड्रेशन: शरीर में पानी की कमी को रोकने के लिए तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाएं। बुखार या भूख न लगने पर IV फ्लूड्स का उपयोग किया जा सकता है।
- लक्षण मैनेजमेंट: बुखार या दर्द के लिए इबुप्रोफेन जैसी दवाओं का उपयोग करें। नाक की जकड़न दूर करने के लिए नेजल स्प्रे का इस्तेमाल करें।
- ऑक्सीजन थेरेपी: जिन मरीजों को सांस लेने में दिक्कत हो, उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट दिया जा सकता है।
साथ ही, सूजन को कम करने और लक्षणों को कम करने के लिए स्टेरॉयड और दवाओं का उपयोग किया जा सकता है।
एचएमपीवी से बचाव के उपाय
एचएमपीवी संक्रमण से बचने या इसके जोखिम को कम करने के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाएं:
- साबुन और पानी या अल्कोहल-आधारित सैनिटाइजर से नियमित रूप से हाथ धोएं।
- छींकते समय अपनी नाक और मुंह को सही तरीके से ढकें।
- लक्षण महसूस होने पर मास्क पहनें।
- अपनी आंखों, नाक और मुंह को छूने से बचें।
- बार-बार छुई जाने वाली सतहों को साफ और डिसइनफेक्ट करें।
- बीमार व्यक्तियों और लक्षणों वाले व्यक्तियों के साथ निकट संपर्क से बचें।
- मॉल, रेस्टोरेंट जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों में जाने से बचें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs around HMPV Virus in Hindi)
HMPV वायरस क्या है?
HMPV (ह्यूमन मेटाप्नेयूमोवायरस) एक सिंगल-स्ट्रैंडेड RNA वायरस है जो सामान्य से गंभीर लक्षणों या बिमारियों का कारण बन सकता है। यह पैरामाइक्सोविरिडी परिवार से संबंधित है, जिसमें RSV और पैराइनफ्लुएंजा वायरस भी शामिल हैं।
HMPV वायरस के लक्षण क्या हैं?
HMPV के माइल्ड से गंभीर लक्षण हो सकते हैं। हल्के लक्षणों में खांसी, नाक बंद या बहना, साइनस ब्लॉकेज, गले में खराश, तेज बुखार और थकान शामिल हैं। गंभीर लक्षणों में सांस लेने में कठिनाई, घरघराहट, छाती में जकड़न, गंभीर खांसी आदि शामिल हैं।
क्या भारत में HMPV मौजूद है?
हां, ह्यूमन मेटाप्नेयूमोवायरस (HMPV) भारत में मौजूद है, लेकिन मामलों की संख्या कम है।